IMF वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक 2026: भारतीय अर्थव्यवस्था का वैश्विक परिप्रेक्ष्य

8 जुलाई, 2026 को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने अपनी प्रमुख रिपोर्ट 'वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक' (WEO) का जुलाई अपडेट जारी किया। इस रिपोर्ट में वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था के लचीलेपन को रेखांकित करते हुए, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.4% रहने का अनुमान जताया गया है।

प्रमुख उद्देश्य (Objectives)

  • आर्थिक निगरानी (Surveillance): वैश्विक, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक विकास और जोखिमों की निरंतर निगरानी करना।
  • नीतिगत मार्गदर्शन: सदस्य देशों को उनके आर्थिक सुधारों, मुद्रास्फीति नियंत्रण और वित्तीय स्थिरता के लिए साक्ष्य-आधारित सुझाव देना।
  • वैश्विक पूर्वानुमान: विश्व व्यापार, विकास दर और मुद्रास्फीति के रुझानों ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |

पूर्व सदस्य? लॉग इन करें


वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |

संबंधित सामग्री