खनन एवं अन्य संसाधन (Mining & Other Resources)
खनिज एवं खान (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2025
|
क्र. सं. |
विषय / क्षेत्र |
विवरण |
|
1 |
परिचय / अवधारणा |
इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता लाना, निवेश आकर्षित करना और विशेष रूप से महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों (Critical Minerals) के अन्वेषण (Exploration) को गति देना है। |
|
2 |
पृष्ठभूमि |
ऊर्जा संक्रमण (Net Zero), इलेक्ट्रिक वाहन (EV), सेमीकंडक्टर और रक्षा क्षेत्र के लिए लिथियम, कोबाल्ट जैसे खनिजों की बढ़ती मांग और आयात पर निर्भरता कम करने हेतु यह संशोधन किया गया। |
|
3 |
प्रमुख विशेषताएँ |
महत्वपूर्ण खनिज: रणनीतिक खनिजों के खनन हेतु विशेष प्रावधान। निजी भागीदारी: गहरे अन्वेषण (Deep-seated minerals) के लिए निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित करना। सरल प्रक्रिया: नीलामी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना .... |
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 अवसंरचना (Infrastructure)
- 2 सेवा क्षेत्र (Services Sector)
- 3 उद्योग एवं औद्योगिक नीति (Industry & Industrial Policy)
- 4 कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र (Agriculture & Allied Activities)
- 5 बाह्य क्षेत्र (External Sector)
- 6 बैंकिंग, भुगतान प्रणाली एवं वित्तीय बाजार
- 7 राजकोषीय नीति (Fiscal Policy)
- 8 रोजगार, श्रम एवं कौशल विकास (Employment, Labour & Skill Development)
- 9 वृद्धि एवं विकास (Growth & Development)
- 10 भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र: चुनौती एवं समाधान

