मद्रास उच्च न्यायालय का कचरा आयात पर फैसला: पर्यावरणीय न्याय बनाम आर्थिक लाभ

हाल ही में मद्रास उच्च न्यायालय ने "कचरा उपनिवेशवाद" (waste colonialism) को चुनौती देते हुए 121.970 मीट्रिक टन नगर निगम कचरे को पुनः निर्यात करने का आदेश दिया, जिसे कागज के रूप में आयात किया गया था। न्यायालय ने कहा कि "भारत माता पर कचरा फेंकना" पर्यावरणीय अपराध से कहीं अधिक है — यह "संप्रभुता की प्रत्यक्ष चुनौती" है और "देशद्रोह" का सबसे गंभीर रूप है। न्यायालय ने कहा कि विकसित देशों द्वारा विकासशील देशों में नगर निगम कचरा डंप करना अंतरराष्ट्रीय संधियों का उल्लंघन है और "पर्यावरणीय क्षरण" का कारण बनता है। निरीक्षण में कचरे में प्रयुक्त PET बोतलें, ....

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