UNCLOS के तहत हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में पारगमन अधिकार
अमेरिका–ईरान फ्रेमवर्क समझौते (15 जून, 2026) के बाद हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य वैश्विक नौवहन के लिए पुनः खोल दिया गया। हालांकि ईरान ने युद्धकालीन टोल समाप्त कर दिया है, लेकिन नेविगेशन शुल्क और पर्यावरण संरक्षण शुल्क जारी रखा है, जिससे इसकी वैधता पर अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत बहस शुरू हो गई है।
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य का महत्व
- विश्व के कच्चे तेल और LNG व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है।
- यह भारत सहित ऊर्जा आयातक देशों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है।
UNCLOS के तहत कानूनी स्थिति
- UNCLOS, 1982 के अनुच्छेद 37–44 के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय जलडमरूमध्यों में सभी जहाजों ....
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