ब्लॉकचैन आधारित कॉफ़ी ई-मार्केटप्लेस

कॉफी बोर्ड ब्लॉकचैन आधारित मार्केटप्लेस एप्लिकेशन के विकास के लिए मेसर्स ईका प्लस के साथ सहयोग कर रहा है। ईका प्लस ने एप्लिकेशन को विकसित किया है। इस प्लेटफार्म पर भारत और विदेश के 15-20 कॉफी किसानों, निर्यातकों, रोस्टरों, आयातकों और खुदरा विक्रेताओं के समूह पहले से ही पंजीकृत हैं। फ्रांस और इथियोपिया के बाद यह विश्व के कुछ कॉफी ब्लॉकचैन प्रोसेसरों में से एक है।

पृष्ठभूमि

भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है, जहां कॉफी को छाया (shade) में उगाया जाता है, हाथ से चुना जाता है और सूर्य प्रकाश में सुखाया जाता है। भारत दुनिया में सबसे अच्छी कॉफी में से एक का उत्पादन करता है। यहां कॉफी का उत्पादन पश्चिमी और पूर्वी घाटों में राष्ट्रीय उद्यानों एवं वन्य जीव अभयारण्यों से सटे आदिवासी किसान जैसे छोटे उत्पादकों द्वारा किया जाता है। ये क्षेत्र विश्व के दो प्रमुख जैव विविधता वाले हॉट स्पॉट हैं। भारतीय कॉफी विश्व बाजार में अत्यधिक मूल्यवान है और प्रीमियम कॉफी के रूप में बेची जाती है। कॉफी से प्राप्त अंतिम रिटर्न में किसानों का हिस्सा बहुत कम है।

ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी

  • 1991 में पहली बार ब्लॉकचैन तकनीक (Blockchain technology) का उल्लेख स्टुअर्ट हैबर और डब्ल्यू स्कॉट स्टोर्नेटा (Stuart Haber and W- Scott Stornetta) द्वारा किया गया था। दोनों शोधकर्ता एक ऐसी प्रणाली को लागू करना चाहते थे, जिसमें दस्तावेज टाइमस्टैम्प (document timestamps) के साथ छेड़छाड़ नहीं की जा सके; लेकिन लगभग दो दशक बाद जनवरी 2009 में बिटकॉइन के लॉन्च के साथ ब्लॉकचैन का वास्तविक अनुप्रयोग किया गया था।
  • ब्लॉकचैन रिकॉर्ड की बढ़ती सूची है, जिसे ब्लॉक कहा जाता है। ये क्रिप्टोग्राफी के उपयोग द्वारा जुड़े होते हैं। प्रत्येक ब्लॉक में पिछले ब्लॉक का एक क्रिप्टोग्राफिक हैश, एक टाइमस्टैम्प और लेनदेन डेटा होता है (आमतौर पर मर्कल ट्री के रूप में दर्शाया जाता है)।
  • ब्लॉकचैन डेटा में संशोधन का प्रतिरोधी है। यह एक खुला वितरित खाता-बही (ledger) है, जो दो पक्षों के बीच लेनदेन को कुशलतापूर्वक, सत्यापन योग्य और स्थायी तरीके से रिकॉर्ड कर सकता है।

कार्यप्रणाली

व्यापारिक लेनदेन करने के लिए कॉफी किसानों, व्यापारियों, कॉफी क्यूरर्स, निर्यातकों, रोस्टरों, आयातकों और खुदरा विक्रेताओं जैसे हितधारक प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण कराते हैं।

  • ब्लॉकचैन पर किसान द्वारा बेचे जाने वाले प्रत्येक लॉट के लिए एक ब्लॉक बनाया जाता है।
  • ब्लॉक एवं लॉट का विवरण ब्लॉकचैन पर संग्रहित किया जाता है और यह अपरिवर्तनीय होता है।

महत्व

भारतीय कॉफी के व्यापार के लिए ब्लॉकचैन आधारित ऐप का उद्देश्य भारतीय कॉफी के व्यापार में पारदर्शिता लाना है तथा बीन से लेकर कप तक भारतीय कॉफी की ट्रैसेबिलिटी को बनाए रखना है। इससे उपभोक्ता को वास्तविक भारतीय कॉफी का स्वाद मिल सकेगा और उत्पादक को उचित भुगतान किया जा सकेगा।

  • यह पहल भारतीय कॉफी उत्पादकों को खरीरदारों तक सीधी पहुंच प्रदान कर, उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने में सक्षम करता है, जिससे बिचौलियों पर निर्भरता कम होती है। यह भारतीय कॉफी के लिए एक ब्रांड छवि बनाने में भी मदद करेगा।
  • यह निर्यातकों को सही कॉफी आपूर्तिकर्ताओं की तलाश करने में मदद करेगा; जिससे बढ़ती मांगों को पूरा किया जा सके। उत्पादन में पारदर्शिता बेहतर विश्वास और दीर्घकालिक संबंध बनाने में मदद करेगा।