खनन निगरानी प्रणाली

यह प्रणाली एक उपग्रह आधारित निगरानी प्रणाली है जिसे वर्ष 2016 में भारतीय खान ब्यूरो (आईबीएम) द्वारा विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य स्वचालित रिमोट सेंसिंग डिटेक्शन तकनीक के माध्यम से अवैध खनन गतिविधि के मामलों पर अंकुश लगाकर उत्तरदायी खनिज प्रशासन सुनिश्चित करना है।

  • खनन निगरानी प्रणाली मौजूदा खनन पट्टे की सीमा के 500 मीटर के आसपास के क्षेत्र की जांच करता है, जहां अवैध खनन होने की संभावना होती है।
  • नन निगरानी प्रणाली के लिए एक उपयोगकर्ता अनुकूल मोबाइल ऐप 2017 में बनाया गया है।
  • इसी प्रकार, लघु खनिजों के संबंध में, 2018 में अब तक 130 ट्रिगर उत्पन्न हुए हैं, जिनमें से 62 का सत्यापन किया जा चुका है और 5 मामलों में अनधिकृत खनन गतिविधियों की पहचान की गई है।

सुझाव

  • राज्य सरकारों को लघु खनिजों के लिए खनन निगरानी प्रणाली को लागू करना चाहिए।
  • नन पट्टे से बाहर अनधिकृत खनन गतिविधियों की रिपोर्ट करने के लिए खनन निगरानी प्रणाली मोबाइल ऐप के उपयोग को प्रोत्साहित करना चाहिए।
  • नई प्रणाली के सुधार के लिए उचित फीडबैक को शामिल करना।
  • यूएवी-ड्रोन का लाभ उठाना।