ला नीना एवं भारत में वायु गुणवत्ता
हाल ही में, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज के वैज्ञानिकों की एक टीम द्वारा किए गए अध्ययन में पाया गया है कि ट्रिपल-डिप ला-नीना (triple-dip La-Nina) की परिघटना ने भारत में वायु गुणवत्ता को प्रभावित किया है।
मुख्य बिन्दु
- दक्षिण भारत पर प्रभावः इसके कारण 2022-23 के सर्दियों के मौसम में प्रायद्वीपीय भारतीय शहरों में वायु की गुणवत्ता में गिरावट दर्ज की गई।
- मुंबई में PM2.5 के स्तर में 30% की वृद्धि दर्ज की गई जो वायु की गुणवत्ता में सबसे अधिक गिरावट को दर्शाता है। कोयंबटूर में PM2.5 के स्तर में 28%, बेंगलुरु में 20%, चेन्नई में 12% की वृद्धि ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 चंबल नदी में घटता प्रवाह डॉल्फिन आवास के लिए खतरा
- 2 असम में “बेंट-टोड गेको” की नई प्रजाति की खोज
- 3 भारत का पहला वॉटर न्यूट्रल कोचिंग डिपो
- 4 भारत का प्रथम राष्ट्रीय चमगादड़ आकलन
- 5 भारतीय सॉफ्टशेल कछुए की तस्करी से बचाव
- 6 कश्मीर में साही का खतरा एवं केसर उत्पादन पर प्रभाव
- 7 ग्रेट इंडियन बस्टर्ड
- 8 BRIC की पहली अनुसंधान सलाहकार बोर्ड बैठक
- 9 बाल्टिक सागर में फंसी हंपबैक व्हेल
- 10 मेक्सिको की खाड़ी में राइस व्हेल पर विलुप्ति का खतरा
पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी
- 1 वन पर सर्वोच्च न्यायालय का निर्देश
- 2 भारत में चीता के जीवित रहने की संभावनाएँ
- 3 सफ़ेद गैंडे पर भ्रूण स्थानांतरण तकनीक का प्रयोग
- 4 भारत में हिम तेंदुओं की स्थिति रिपोर्ट
- 5 मानव-वन्यजीव संघर्ष
- 6 बोतलबंद पानी में प्लास्टिक के कण
- 7 विनाश के कगार पर हिंदू कुश हिमालयः ICIMOD
- 8 ग्रीन हाइड्रोजन पर दिशा-निर्देश

