भारत में पारंपरिक भंडारण संरचनाएं और प्रथाएं
- बुखारी एक चौकोर आकार की संरचना है, जो मिट्टी या ईंट और सीमेंट से निर्मित की जाती है। इसमें जमीनी स्तर पर एक आउटलेट भी होता है।
- बुखारी के ऊपरी हिस्से को मिट्टी और पुआल से प्लास्टर किया जाता है और नमी से बचने के लिए पॉलिथीन से ढक दिया जाता है।
- बुखारी की संरचना लकड़ी अथवा चिनाई वाले मकान द्वारा जमीन से ऊपर उठाई जाती है, इसकी क्षमता सामान्य रूप से 3.5 से 18 टन होती है। मोराई का उपयोग भारत के पूर्वी और दक्षिणी ग्रामीण क्षेत्रों में किया जाता है। इसकी संरचना उल्टे शंकु के आकार ....
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