काजीरंगा: एक-सींग वाले गैंडों का अंतिम सुरक्षित दुर्ग
- फरवरी 2026 में ‘बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान’ (BSIP) के एक शोध के अनुसार, काजीरंगा का वर्तमान परिदृश्य हजारों वर्षों के जलवायु परिवर्तन और वनस्पतियों में आए बदलावों का परिणाम है।
- जीवाश्म साक्ष्य बताते हैं कि कभी पूरे उपमहाद्वीप में विस्तृत रहे एक-सींग वाले गैंडे, उत्तर-पश्चिमी भारत में आवास-क्षरण और ‘लिटिल आइस एज’ जैसी घटनाओं के कारण विलुप्त हो गए।
- इसके विपरीत, पूर्वोत्तर भारत की पिछले 3300 वर्षों की जलवायु स्थिरता और न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप ने इन्हें अनुकूल आश्रय प्रदान किया, जिससे काजीरंगा इन विशाल शाकाहारी जीवों के अस्तित्व के लिए वैश्विक केंद्र बनकर ....
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