राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे 'मधुमक्खी गलियारों' का विकास
17 फरवरी, 2026 को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक अनूठी पहल की घोषणा की, जिसके तहत राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे पॉलिनेटर कॉरिडोर या “मधुमक्खी गलियारे” (Bee Corridors) बनाए जाएँगे, ताकि मधुमक्खियों और अन्य परागणकर्ताओं का संरक्षण हो सके और पारिस्थितिकीय धारणीयता को बढ़ावा मिले।
बी कॉरिडोर क्या हैं?
- इसमें राजमार्गों के किनारे मधुमक्खी-अनुकूल पौधों की निरंतर पट्टियां विकसित की जाती हैं।
- इनमें पराग और मधु (nectar) से समृद्ध देशज प्रजातियों को प्राथमिकता दी जाती है।
- इन्हें इस प्रकार डिजाइन किया जाता है कि पूरे वर्ष फूल खिलते रहें और भोजन की सतत उपलब्धता बनी रहे।
- इनमें मृत लकड़ी और खोखले तनों ....
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