सौंदला गाँव
5 फरवरी, 2026 को, अहिल्यानगर जिले के सौंदला गाँव ने एक सर्वसम्मत ग्राम सभा प्रस्ताव के माध्यम से स्वयं को महाराष्ट्र का पहला “जाति-मुक्त” (Caste-free) गाँव घोषित किया।
- यह प्रस्ताव “आमची जात... मानव” (मेरी जाति मानवता है) के आदर्श वाक्य के तहत समानता को बढ़ावा देता है।
- ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से जाति-आधारित भेदभाव और सामाजिक बहिष्कार का परित्याग किया है।
- इस निर्णय को विविध सामाजिक पृष्ठभूमि वाले निवासियों का पूर्ण समर्थन प्राप्त हुआ।
- सार्वजनिक स्थानों तक समान पहुंच औपचारिक रूप से सुनिश्चित की गई है।
- स्कूल, मंदिर और जल निकाय सभी निवासियों के लिए खुले हैं।
- सामुदायिक भवनों और श्मशान घाटों में ....
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