मध्यकाल के प्रमुख बंदरगाह और किले
उत्तरी कोंकण तट पर सोपारा, संजान, चौल, ठाणा और कल्याण प्रमुख प्राचीन बंदरगाह थे। इनमें से चेमुला (आधुनिक चौल) का संदर्भ पांचवीं शताब्दी के कन्हेरी शिलालेखों में प्राप्त होता है।
- चौल बंदरगाह कुंडलिका नदी के उत्तरी तट पर स्थित था। ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार चौल किले का मूल नाम राजकोट था।
- वसई, कल्याण, चौल और डांडा राजपुरी जैसे बंदरगाहों पर निजामशाही शासकों का अधिकार था।
- इसी प्रकार, बागमंडला या बैंकोट, दाभोल, राजापुर, खारेपाटन, शतावली और बांदा आदिलशाह राजवंश के अधीन थे।
- रेवदंडा एक तटीय किला है, जो कुंडलिका नदी के उत्तरी तट पर स्थित है। यहां स्थित विभिन्न संरचनाओं का ....
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