मेथनॉल विषाक्तता प्रभाव एवं प्रबंधन के उपाय
हाल ही में, तमिलनाडु के कल्लाकुरिची जिले में जहरीली शराब पीने से 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। राज्य सरकार द्वारा इस मामले पर कार्यवाही करते हुए करीब 200 लीटर अवैध शराब जब्त की गई।इस मामले की जांच में सामने आया कि जब्त शराब में घातक ‘मेथनॉल’ मौजूद था।
- भारत में नकली शराब के कारण मेथनॉल विषाक्तता से होने वाली मौतों के मुद्दे ने नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। मेथनॉल विषाक्तता से होने वाली अप्राकृतिक मौतों ने इसे रोकने के लिए सतर्कता और सख्त कानून की आवश्यकता पर बल दिया है।
मेथनॉल विषाक्तता के प्रभाव
- तीव्र विषाक्तता और ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 बच्चों के लिए डिजिटल सुरक्षा: अधिकार, जोखिम और नियामकीय अंतराल
- 2 ऊर्जा सुरक्षा: भारत का नया रणनीतिक दृष्टिकोण
- 3 भारत की जैव-अर्थव्यवस्था: नवाचार, अवसर और नीतिगत चुनौतियाँ
- 4 शहरी भारत की पुनर्कल्पना: एकीकृत, टिकाऊ और भविष्य-उन्मुख बुनियादी ढांचे की ओर
- 5 लोचशील आपूर्ति शृंखलाएँ: भारत की आर्थिक सुरक्षा का एक सुदृढ़ स्तंभ
- 6 भारत में सुदृढ़ नवाचार पारितंत्र का निर्माण: क्षमताएँ और संरचनात्मक बाधाएँ
- 7 प्रतीकात्मकता से परिवर्तन की ओर: भारत में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी
- 8 भारत में गिग कर्मियों के अधिकार: मान्यता बनाम वास्तविकता
- 9 भारत में निष्क्रिय इच्छामृत्यु: नैतिक मुद्दे एवं चुनौतियाँ
- 10 संप्रभु ऊर्जा आत्मनिर्भरता: भारत की रणनीतिक आवश्यकता

