अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आरक्षण में क्रीमी लेयर बहस
सुप्रीम कोर्ट में हाल ही में दायर नई याचिकाओं ने एक बार फिर “क्रीमी लेयर” सिद्धांत को अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) आरक्षण पर लागू करने की बहस को तेज कर दिया है। इन याचिकाओं का आधार 2024 के State of Punjab v. Davinder Singh फैसले को बनाया गया है। इससे यह महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रश्न उभरकर सामने आया है कि क्या आर्थिक स्थिति, जाति-आधारित सामाजिक भेदभाव का स्थान ले सकती है?
क्रीमी लेयर क्या है?
- क्रीमी लेयर से आशय पिछड़े वर्गों के उन अपेक्षाकृत समृद्ध और सामाजिक रूप से उन्नत वर्गों से है, जिन्हें आरक्षण का पर्याप्त लाभ ....
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