दिव्यांगजनों के लिए समान व्यवहार और अधिकार
भारत 'डिजिटल इंडिया मिशन' के माध्यम से डिजिटल डिवाइड को पाटकर एक वैश्विक "डिजिटल कल्याणकारी राज्य" के रूप में उभर रहा है। इसके बावजूद, देश का एक बड़ा सुभेद्य वर्ग—दिव्यांगजन,इस सार्वभौमिक पहुंच और कल्याणकारी ढांचे से काफी हद तक बाहर है। भारत में दिव्यांगता पेंशन, अधिकारों के अंतर्निहित सिद्धांतों पर आधारित होने के बजाय अधिवास, राज्य सरकारों के विशेषाधिकार और जटिल नौकरशाही प्रक्रियाओं द्वारा निर्धारित होती है। एक 'विकसित भारत' के निर्माण और समावेशी विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए इस विसंगति को दूर करना अत्यंत आवश्यक है।
वर्तमान स्थिति और प्रमुख चुनौतियाँ
भारत में दिव्यांगजनों के कल्याण ....
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