जी-7 में भारत: बदलती पश्चिमी दुनिया और नई रणनीति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस के एवियन (Évian) में आयोजित 52वें जी-7 शिखर सम्मेलन में भागीदारी भारत की इस मंच पर 13वीं उपस्थिति तथा 2019 से लगातार सातवीं भागीदारी थी। यह केवल कूटनीतिक शिष्टाचार नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में भारत की बढ़ती भूमिका का संकेत है। ऐसे समय में जब विश्व बहुध्रुवीय व्यवस्था, तकनीकी प्रतिस्पर्धा और भू-राजनीतिक पुनर्संतुलन के दौर से गुजर रहा है, भारत-जी7 संबंधों का महत्व और अधिक बढ़ गया है।
भारत-जी-7 संबंधों का बढ़ता महत्व:
- भारत की जी-7 यात्रा वर्ष 2003 में शुरू हुई, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को पहली बार आमंत्रित ....
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