भारत-कनाडा संबंध:अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध की चुनौती
करीब तीन वर्ष पहले खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की कनाडा में हत्या के बाद भारत और कनाडा के संबंध गंभीर कूटनीतिक संकट में आ गए थे। अब कनाडाई अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अब तक की जांच में भारतीय सरकार की संलिप्तता का कोई प्रमाण नहीं मिला है, हालांकि जांच अभी जारी है। दूसरी ओर, अमेरिका ने लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगी गोल्डी बराड़ पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। यह कार्रवाई अमेरिका के ऑपरेशन हार्ड बॉल (Operation Hard Ball) के तहत अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है।
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 भारत में शहरी इमारतों की अग्नि सुभेद्यता: कारण, प्रभाव और समाधान
- 2 भारत में बढ़ता कैंसर का बोझ: चुनौतियाँ, कारण और रणनीतिक समाधान
- 3 आपदा प्रबंधन में ‘स्मार्ट एआई कैशिंग’ और 'कोऑपरेटिव कैशिंग' की भूमिका
- 4 राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा प्रशासनिक बदलाव: पहली बार CEO की नियुक्ति क्यों?
- 5 कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र डेटा लीक: भारत की साइबर सुरक्षा के लिए चेतावनी
- 6 किशोर मानसिक स्वास्थ्य बनाम डिजिटल व्यसन
- 7 जी-7 में भारत: बदलती पश्चिमी दुनिया और नई रणनीति
- 8 भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग का भविष्य
- 9 अध्यादेश और न्यायिक स्वतंत्रता
- 10 दिव्यांगजनों के लिए समान व्यवहार और अधिकार

