भारत–अमेरिका क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क : आपूर्ति शृंखला सुरक्षा की नई पहल

11वीं क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान भारत और अमेरिका ने “Securing of Supply in the Mining and Processing of Critical Minerals and Rare Earths” नामक भारत–अमेरिका क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क पर हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) और रेयर अर्थ तत्वों (REEs) की सुरक्षित एवं विविधीकृत आपूर्ति शृंखला विकसित करना है।

पृष्ठभूमि

2025 में चीन द्वारा रेयर अर्थ तत्वों के निर्यात पर लाइसेंस व्यवस्था लागू करने से वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हुई। वर्तमान में चीन वैश्विक क्रिटिकल मिनरल प्रोसेसिंग का लगभग 90% नियंत्रित करता है, जबकि भारत को कोबाल्ट, लिथियम, निकेल, रेयर अर्थ तत्वों और सिलिकॉन जैसे प्रमुख ....

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