भारत–नेपाल सीमा विवाद: कूटनीति, इतिहास और नई बहस
हाल ही में नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के भारत–नेपाल सीमा विवाद संबंधी बयान ने दोनों देशों के बीच लंबित सीमा मुद्दों को पुनः चर्चा के केंद्र में ला दिया है। उन्होंने कहा कि सीमा विवाद का वस्तुनिष्ठ परीक्षण कर आपसी संवाद से समाधान निकाला जाना चाहिए।
सीमा विवाद की पृष्ठभूमि
भारत और नेपाल के बीच लगभग 1,850 किमी लंबी खुली अंतरराष्ट्रीय सीमा है, जो उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम से होकर गुजरती है। विवाद की उत्पत्ति 1816 की सुगौली की संधि से जुड़ी है, जिसमें काली (महाकाली) नदी को नेपाल की पश्चिमी सीमा माना गया ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 बीमा क्षेत्र में 100% FDI को मंजूरी
- 2 ग्रेट निकोबार परियोजना: राष्ट्रीय सुरक्षा बनाम पारिस्थितिकी और आदिवासी अधिकार
- 3 नकली वकील : कानूनी पेशे में संकट
- 4 मई 2026 के घटनाक्रम पर आधारित
- 5 पुरस्कार एवं सम्मान
- 6 नियुक्ति और त्यागपत्र
- 7 रक्षा (Defense)
- 8 खेल समाचार
- 9 अर्थव्यवस्था
- 10 पर्यावरण एवं पारिस्थिकी
- 1 ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के इस्तीफे के संवैधानिक और राजनीतिक निहितार्थ
- 2 भारत–रूस RELOS: रणनीतिक मायने
- 3 भारत–स्लोवाकिया संबंध: व्यापक साझेदारी की नई शुरुआत
- 4 भारतीय नाविकों पर बढ़ता वैश्विक खतरा
- 5 भारत–फ्रांस: रणनीतिक साझेदारी की नई ऊँचाई
- 6 PoK में बढ़ता जनाक्रोश
- 7 भारत–ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता
- 8 भारत–अमेरिका क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क : आपूर्ति शृंखला सुरक्षा की नई पहल
- 9 क्वाड (Quad) विदेश मंत्रियों की बैठक 2026

