भारतीय समाज

भारतीय समाज की विशेषताएं (पितृसत्ता, जाति व्यवस्था, संयुक्त परिवार प्रणाली)

उपशीर्षक

विवरण

परिचय / अवधारणा

भारतीय समाज एक 'मोज़ेक' (बहुरंगी चित्र) के समान है, न कि 'पिघलने वाला बर्तन'। यह अपनी विविधता में एकता, सहिष्णुता, सामूहिकता और धार्मिकता के लिए जाना जाता है। इसकी तीन आधारभूत संस्थाएँ हैं पितृसत्ता (पुरुषप्रधान सामाजिक व्यवस्था), जाति व्यवस्था (वंशानुगत सामाजिक स्तरीकरण), और संयुक्त परिवार (बहुपीढ़ीगत सहनिवास)।

प्रमुख विशेषताएँ

विविधता: 140+ करोड़ जनसंख्या, 8 प्रमुख धर्म, 22 अनुसूचित भाषाएँ, 1,600+ मातृभाषाएँ।
जाति: अनुष्ठानिक एवं धर्मनिरपेक्ष पदानुक्रम, अंतर्जातीय विवाह पर प्रतिबंध।
पितृसत्ता: निर्णयनिर्माण में पुरुषों का वर्चस्व, महिलाओं की सीमित गतिशीलता।
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