शासन के प्रकार

कॉर्पोरेट शासन

उपशीर्षक

विवरण

परिचय / अवधारणा

कॉर्पोरेट शासन नियमों, प्रथाओं एवं प्रक्रियाओं की वह प्रणाली है, जिसके द्वारा एक कंपनी का निर्देशन एवं नियंत्रण किया जाता है। इसमें कंपनी के प्रबंधन, निदेशक मंडल, शेयरधारकों एवं अन्य हितधारकों के बीच संबंध शामिल हैं। यह पारदर्शिता, जवाबदेही, निष्पक्षता एवं नैतिकता पर आधारित है।

पृष्ठभूमि / वर्तमान संदर्भ

भारत में कॉर्पोरेट शासन सुधार 1991 के आर्थिक उदारीकरण के बाद तेज हुए। कुमार मंगलम बिड़ला समिति (1999) , नरेश चंद्र समिति (2002) एवं उदय कोटक समिति (2017) ने महत्वपूर्ण सिफारिशें दीं। सेबी (SEBI) ने LODR (2015) नियम लागू किए।

प्रमुख विशेषताएँ

- ....

क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |

पूर्व सदस्य? लॉग इन करें


वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |

संबंधित सामग्री