वैदिक सभ्यता
सिंधु घाटी सभ्यता के पश्चात जिस नवीन सभ्यता का विकास हुआ, उसे ही आर्य सभ्यता अथवा वैदिक सभ्यता के नाम से जाना जाता है।
- यह मुख्यतः पशुचारण सभ्यता थी, जिसमें कृषि गौण व्यवसाय था।
वैदिक संस्कृति को दो भागों में बांटा गया है
- ऋग्वैदिक संस्कृति (1500 ई.पू.-1000 ई.पू.)
- उत्तर वैदिक संस्कृति (1000 ई.पू.-600 ई.पू.)
ऋग्वैदिक काल
- इस काल की सर्वप्रमुख नदी सिन्धु थी तथा दूसरी सर्वाधिक पवित्र नदी सरस्वती थी, जिसे नदीतमा कहा गया है। आर्यों का निवास स्थल सप्त सिन्धु प्रदेश के रूप में बताया गया है। ऋग्वैदिक काल का समाज पितृसत्तात्मक स्वरूप वाला कबीलाई समाज था।
- इस काल में प्रशासन ....
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