भारत में लॉजिस्टिक्स लागतः आकलन एवं दीर्घकालिक रूपरेखा

14 दिसंबर, 2023 को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (DPIIT) ने “भारत में लॉजिस्टिक्स लागतः आकलन एवं दीर्घकालिक रूपरेखा” नामक शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी की।

  • इस रिपोर्ट को एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) द्वारा तैयार किया गया है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, भारत की लॉजिस्टिक्स लागत 2013-14 में 8.6%-9.8% से घटकर 2021-22 में सकल घरेलू उत्पाद का 7.8%-8.9% हो गई है।
  • रिपोर्ट में लॉजिस्टिक्स लागत के संदर्भ में सरकार के निम्नलिखित उद्देश्य वर्णित किए गए हैं-
    • एक वैज्ञानिक लॉजिस्टिक्स लागत गणना ढांचे ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |

पूर्व सदस्य? लॉग इन करें


वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
आर्थिक परिदृश्य