संसदीय स्थायी समिति द्वारा IBC के कार्यान्वयन की समीक्षा

2 दिसंबर, 2025 को वित्त संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने ‘दिवाला एवं दिवालियापन संहिता (IBC) की कार्यप्रणाली और उभरते मुद्दे’ पर अपनी रिपोर्ट संसद में पेश की।

  • समिति ने कहा कि IBC ने भारत में कारोबार सुगमता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है, लेकिन इसकी सफलता के बावजूद कुछ स्थायी और प्रणालीगत समस्याएँ इसके प्रभावी क्रियान्वयन में बाधा बनती हैं।

IBC के तहत उपलब्धियां

  • 31 मार्च, 2025 तक 1,194 कंपनियाँ सफलतापूर्वक समाधान प्रक्रिया से गुज़रीं।
  • इस प्रक्रिया में ऋणदाताओं को कुल ₹3.89 लाख करोड़ की वसूली हुई।
  • यह राशि कुल स्वीकृत दावों का 32.8% और परिसमापन मूल्य (liquidation value) का 170.1% है।
  • हालांकि, ....
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