विश्व आपदा प्रबंधन शिखर सम्मेलन

हाल ही में केंद्र ने हरिद्वार, पंतनगर और औली के लिए 3 नए डॉप्लर मौसम रडार (DWR) को मंज़ूरी दे दी है।

  • ये रडार राज्य में उच्च-रिज़ॉल्यूशन निगरानी का विस्तार करेंगे।
  • डॉप्लर रडार तूफान की संरचना, हवा के पैटर्न, नमी की तीव्रता और ऊर्ध्वाधर बादलों के विकास का अक्सर 30- 90 मिनट पहले पता लगा लेते हैं।
  • राज्य में वर्तमान में सुरकंडा देवी, मुक्तेश्वर एवं लैंसडाउन में 3 रडार हैं, जिससे बड़े क्षेत्र विशेषकर शिवालिक की तलहटी, कुमाऊँ के कुछ हिस्से और ऊपरी गढ़वाल पर्वतमाला रीयल-टाइम कवरेज से बाहर ....
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