भारत की पहली पूर्णतः पेपरलेस न्यायालय प्रणाली

जनवरी 2026 में केरल के वायनाड ज़िले का कल्पेट्टा न्यायिक जिला भारत का पहला ऐसा ज़िला बना, जहाँ न्यायालय प्रणाली पूरी तरह पेपरलेस (काग़ज़-रहित) रूप में कार्य करने लगी।

  • यह उपलब्धि न्यायिक डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।
  • अब मामलों की शुरुआत (ई-फाइलिंग) और पूर्व-परीक्षण कार्यवाही से लेकर साक्ष्य रिकॉर्डिंग, अंतरिम आवेदन और अंतिम निर्णय (जजमेंट) तक, न्यायिक कार्यप्रणाली के सभी चरण ज़िला न्यायालयों में पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संपन्न किए जाएंगे।
  • इससे भौतिक फाइलों की आवश्यकता समाप्त हो गई है।
  • इस बदलाव के साथ-साथ जिला न्यायालय प्रबंधन ढांचे में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित न्यायिक सहायता ....
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