व्यक्तिगत डिजिटल डेटा संरक्षण : नवीन मसौदा तथा डेटा गवर्नेंस
18 नवंबर, 2022 को भारत सरकार द्वारा डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक, 2022 (Digital Personal Data Protection Bill, 2022) का मसौदा सार्वजनिक किया गया| सरकार, सार्वजनिक टिप्पणियों के आधार पर आवश्यक संशोधन कर इसे 2023 के बजट सत्र में संसद में प्रस्तुत कर सकती है।

- पृष्ठभूमि: वर्ष 2018 में सरकार द्वारा न्यायमूर्ति बी. एन. श्रीकृष्ण के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया गया था, जिसे व्यक्तिगत डेटा संरक्षण पर मसौदा तैयार करने का अधिदेश प्राप्त था।
- सरकार ने श्रीकृष्ण समिति द्वारा तैयार किए मसौदे में संशोधन कर, लोक सभा में व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक, 2019 ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 EV क्रांति और ऊर्जा अवसंरचना की चुनौती
- 2 कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म और भारत के समक्ष चुनौतियाँ
- 3 अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आरक्षण में क्रीमी लेयर बहस
- 4 बढ़ती गर्म रातें : भारत में उभरता नया हीट संकट
- 5 SIR प्रक्रिया से नागरिकता तक: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उभरे नए प्रश्न
- 6 समुद्री चोक पॉइंट्स: व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और भू-राजनीति के निर्णायक द्वार
- 7 ऑनलाइन गेमिंग नियम, 2026: उभरते डिजिटल क्षेत्र का समग्र नियामक ढांचा
- 8 दल-बदल विरोधी कानून: प्रासंगिकता, खामियां और सुधार की आवश्यकता
- 9 औद्योगिक आपदाएं: कारण, लागत और समाधान
- 10 एआई के उद्भव का प्रभाव: असीम संभावनाओं की राह और जोखिमपूर्ण चुनौतियां
करेंट अफेयर्स के चर्चित मुद्दे
- 1 आतंकी वित्तपोषण की चुनौती : राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रयास
- 2 कृषि निर्यात में वृद्धि : किसानों की आय दोगुनी करने की कुंजी
- 3 17वां G-20 शिखर सम्मेलन : वैश्विक अनिश्चितताओं के मध्य आर्थिक विकास की दूरगामी रणनीतियों का निर्धारण
- 4 अपशिष्ट से ऊर्जा : महत्व चुनौतियां एवं प्रयास
- 5 राम सेतु को राष्ट्रीय विरासत का दर्जा देने की मांग

