दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए जेनेरिक दवाएं
24 नवंबर, 2023 को, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा चार दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए जेनेरिक दवाएं लॉन्च की गई।
- केंद्र सरकार ने पहली बार दुर्लभ बीमारियों के लिए चार प्रकार की घरेलू ‘मेड इन इंडिया’ दवाओं का निर्माण करके एक गेम-चेंजर विशेष पहल शुरू की है।
- उपलब्ध जेनेरिक दवाएं टायरोसिनेमिया-टाइप 1 (Tyrosinemia-Type 1), गौचर्स रोग (Gauchers Disease), विल्सन रोग (Wilson's Disease) और ड्रेवेट-लेनोक्स गैस्टॉट सिंड्रोम (Dravet-Lennox Gastaut Syndrome) के लिए हैं।
- अगले कुछ महीनों में मंत्रालय फेनिलकेटोनुरिया (Phenylketonuria) और हाइपरअमोनमिया (Hyperammonemia) को भी सूची में शामिल करने की योजना बना रहा है।
- वर्तमान में आठ प्रकार की जेनेरिक दवाएं हैं। अन्य ....
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