पारंपरिक और पूरक चिकित्सा परियोजना सहयोग समझौता

17 नवंबर, 2023 को आयुष मंत्रालय और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने जिनेवा, स्विट्जरलैंड में एक अभूतपूर्व ‘प्रोजेक्ट सहयोग समझौते’ में प्रवेश किया है, जिसका लक्ष्य भारत की राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली में पारंपरिक और पूरक चिकित्सा को एकीकृत करना और वैश्विक स्वास्थ्य उद्देश्यों को आगे बढ़ाना है।

  • इस समझौते को ‘पारंपरिक और पूरक चिकित्सा परियोजना सहयोग समझौते’ (The Traditional and Complementary Medicine Project Collaboration Agreement) के नाम से जाना जाता है।

मुख्य बिंदु

  • वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा के लिए मील का पत्थरः आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने संभावना व्यत्तफ़ की है कि समझौते का पहला चरण (2023-28) पारंपरिक और पूरक चिकित्सा ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |

पूर्व सदस्य? लॉग इन करें


वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी