अल्फवेन तरंगें
- एक हालिया अध्ययन ने सूर्य से जुड़ी एक सदियों पुरानी पहेली का महत्वपूर्ण उत्तर खोज निकाला है कि आखिर सूर्य का बाहरी वायुमंडल (कोरोना) उसकी सतह से लाखों डिग्री अधिक गर्म क्यों है?
- जहाँ एक ओर सूर्य की सतह यानी फोटोस्फीयर का तापमान लगभग 10,000°F (5,500°C) रहता है, वहीं दूसरी ओर कोरोना का तापमान 20 लाख°F (लगभग 11 लाख°C) तक पहुँच जाता है।
- इस परिघटना के पीछे चुंबकीय तरंगें (विशेष रूप से अल्फवेन तरंगें) एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
- अल्फवेन तरंगें प्लाज़्मा में बनने वाली विशेष निम्न आवृत्ति वाली विद्युत-चुंबकीय तरंगें होती हैं, जो सूर्य के चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के अनुदिश संचरित होती ....
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