राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण तथा निवेश मॉडल
हाल ही में, क्रेडिट रेटिंग एजेंसी केयरएज रेटिंग्स (CareEdge Ratings) द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण की गति में उल्लेखनीय गिरावट (वार्षिक रूप से 7-10% की कमी) की आशंका व्यक्त की गई है।
- एजेंसी के अनुसार, वित्त वर्ष 2024 में निर्माण कार्य लगभग 12,350 किलोमीटर से घटकर वित्त वर्ष 2025 में लगभग 11,500 किलोमीटर होने की संभावना है।
- वित्तीय वर्ष 2024 में, राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण की गति प्रभावशाली 34 किलोमीटर प्रति दिन थी। अनुमान है कि वित्तीय वर्ष 2025 में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण की गति में 31 किलोमीटर प्रति दिन की गिरावट की संभावना है।
- इसके लिए 'हाइब्रिड वार्षिकी मॉडल' (HAM) ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 चीन ने यूरोपीय ब्रांडी पर डंपिंग रोधी शुल्क लगाया
- 2 राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-NAM) में 7 नई कृषि उपज शामिल
- 3 मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज क्लियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (MCXCCL)
- 4 IRDAI ने विनियामक उल्लंघनों की जांच हेतु समिति गठित की
- 5 एनएलसी इंडिया लिमिटेड (NLCIL)
- 6 बैंकों को फाइनेंशियल फ्रॉड रिस्क इंडिकेटर के एकीकरण का निर्देश
- 7 ADEETIE योजनाः ऊर्जा-कुशल औद्योगिक भारत की दिशा में एक कदम
- 8 कैबिनेट ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को मंजूरी दी
- 9 अनुसंधान, विकास एवं नवाचार योजना
- 10 MSME क्षेत्र

- 1 भारतीय उद्योग परिसंघ का वार्षिक व्यापार सम्मेलन
- 2 'इस्पात क्षेत्र में स्थिरता स्थापित करने' पर राष्ट्रीय कार्यशाला
- 3 IIBX का पहला ट्रेडिंग-कम-क्लियरिंग सदस्य
- 4 परियोजना वित्तपोषण हेतु आरबीआई के मसौदा दिशानिर्देश
- 5 आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण पर त्रैमासिक बुलेटिन
- 6 10 शीर्ष व्यापारिक साझेदारों के साथ भारत के व्यापार की स्थिति
- 7 मुक्त व्यापार समझौतों पर विमर्श हेतु रणनीतिक बैठक
- 8 RBI द्वारा सरकार को अधिशेष हस्तांतरण
- 9 बीमाकर्ताओं हेतु कॉर्पोरेट प्रशासन पर मास्टर सर्कुलर
- 10 परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनियों की कार्यप्रणाली में पर्यवेक्षी चिंताएं
- 11 घरेलू शुद्ध वित्तीय बचत में गिरावट