आगमिक मंदिर
14 मई, 2025 को सर्वोच्च न्यायालय ने मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा गठित एक समिति से 3 माह के भीतर तमिलनाडु में गैर-आगमिक मंदिरों के मुकाबले आगमिक मंदिरों की पहचान करने का अनुरोध किया।
- तब तक आगमिक मंदिरों में अर्चकों (पुजारियों) और मणियम (मंदिर कर्मचारियों) की नियुक्ति नहीं की जाएगी।
आगमिक मंदिर
- वह मंदिर, जो तमिल और संस्कृत भाषा में प्राचीन हिंदू धर्मग्रंथों, आगमों का अनुसरण करते हैं।
- मंदिरों का निर्माण आगम ग्रंथों में दिए गए निर्देशों के अनुसार किया जाता है, जिनमें वास्तु-रचना, अनुष्ठान-पद्धति, देव-पूजा की विधियां तथा अर्चकों के आचार-व्यवहार का विस्तृत विवरण मिलता है।
आगम ग्रंथ
- आगम हिंदू भक्ति संप्रदायों ....
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