भारतीय अर्थव्यवस्था
कुल सवाल: 63
1
बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- यह बैंकिंग कंपनी में ‘पर्याप्त ब्याज’ (substantial interest) की सीमा को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये कर देता है।
- यह विधेयक बैंकों को भारतीय रिजर्व बैंक की पूर्व स्वीकृति के बिना लेखा परीक्षकों का पारिश्रमिक तय करने का अधिकार देता है।
- यह निजी बैंकों द्वारा नकद आरक्षित अनुपात (CRR) बनाए रखने की आवश्यकता को समाप्त करता है।
- इसमें एक बैंक खाते या लॉकर के लिए अधिकतम चार नामांकित व्यक्तियों को अनुमति देने का प्रावधान किया गया है।
उपरोक्त कथनों में से कितने सही हैं?
| A |
केवल एक
|
|
| B |
केवल दो
|
|
| C |
केवल तीन
|
|
| D |
सभी चार
|
|
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 भारत में क्षेत्रीय असमानताओं और स्थानिक विकास के पैटर्न
- 2 भारत की जनजातियाँ – FRA, PESA और पारिस्थितिक-सांस्कृतिक परिदृश्य
- 3 शहरीकरण की प्रवृत्तियाँ और सतत शहर
- 4 जनसंख्या गतिशीलता: प्रवासन पैटर्न, जनसांख्यिकीय लाभांश एवं जलवायु-जनित विस्थापन
- 5 वायु गुणवत्ता प्रबंधन – राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) कार्यान्वयन
- 6 प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन: नियम, चुनौतियाँ और समाधान
- 7 ठोस अपशिष्ट और लैंडफिल प्रबंधन
- 8 जलवायु-जनित आपदाएँ: अनुकूलन योजना और जलवायु वित्त का एकीकरण
- 9 सूखा: शुष्क क्षेत्र मानचित्रण एवं मरुस्थलीकरण नियंत्रण कार्यक्रम
- 10 चक्रवात: पूर्व चेतावनी प्रणाली और AI आधारित पूर्वानुमान

