पीसीए फ्रेमवर्क में शहरी सहकारी बैंकों का समावेश
1 अप्रैल, 2025 से लगभग 500 शहरी सहकारी बैंक (UCBs) भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की नई त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (Prompt Corrective Action: PCA) व्यवस्था के अंतर्गत आ गए हैं।
- यह कदम मौजूदा पर्यवेक्षी कार्रवाई ढांचे (SAF) की जगह लेगा, ताकि यूसीबी की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।
पीसीए फ्रेमवर्क
- प्रारंभ: पीसीए ढांचे को आरंभिक रूप से वर्ष 2002 में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के लिए और जुलाई 2024 में यूसीबी के लिए पेश किया गया था।
- लक्ष्य: बैंकों की वित्तीय स्थिति में गिरावट को रोकने हेतु समय रहते निगरानी और हस्तक्षेप।
- लागू बैंकों की श्रेणी: टियर 2, टियर 3 और टियर 4 यूसीबी।
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