समुद्री शैवाल: भारत की तटीय समृद्धि का नया आधार
व्यवसाय प्रबंधन सलाहकार फर्म ‘प्राइमस पार्टनर्स’ की एक नई रिपोर्ट के अनुसार भारत का समुद्री शैवाल कृषि क्षेत्र (Seaweed Farming Sector), जिसका वर्तमान मूल्य 200 करोड़ रुपये है, अगले दशक में 3,277 करोड़ रुपये तक बढ़ने का अनुमान है, जिससे 1.6 मिलियन लोगों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है।
- पारंपरिक मत्स्य पालन से परे अब समुद्र एक नए संसाधन के रूप में समुद्री शैवाल की खेती का द्वार खोल रहा है। यह एक ऐसा समुद्री पौधा है जो पोषण, चिकित्सा, उद्योग और आजीविका के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है।
- भारत की तटीय रेखा, जो लगभग 7,500 किलोमीटर लंबी ....
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