भारतीय न्याय प्रणाली में पर्यावरण-केंद्रित दृष्टिकोण का विकास
30 मार्च, 2025 को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा ने राष्ट्रीय पर्यावरण सम्मेलन-2025 के समापन सत्र के दौरान कहा कि अंतरराष्ट्रीय न्यायशास्त्र में, भारत मानव-केंद्रित (Anthropo-centric) दृष्टिकोण से पर्यावरण-केंद्रित (Eco-centric) दृष्टिकोण अपनाने वाला पहला देश था।
पर्यावरण-केंद्रित दृष्टिकोण
- यह दृष्टिकोण पूरे पारिस्थितिक तंत्र एवं उसके घटकों की भलाई को प्राथमिकता देता है, प्रकृति को केवल मानव उपयोग के लिए नहीं, बल्कि अपने लिए मूल्यवान मानता है।
- यह दृष्टिकोण सतत विकास को बढ़ावा देता है और मानव व प्रकृति के मध्य संतुलन स्थापित करता है, इसे अर्ने नेस की 'डीप इकोलॉजी मूवमेंट' के तहत भी वैश्विक मान्यता प्राप्त है।
- अर्ने नेस ....
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