दिव्यांग कैदियों हेतु “जेल सुधार पैनल” की भूमिका का विस्तार

21 अप्रैल, 2026 को सत्यन नरावूर बनाम भारत संघ एवं अन्य मामले में, सर्वोच्च न्यायालय ने एक उच्च-स्तरीय समिति को दिव्यांग कैदियों के लिए सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने और जेलों में “सहायक उपकरणों” तक उनकी पहुँच सुनिश्चित करने हेतु एक व्यापक कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया।

  • इस समिति का गठन सर्वोच्च न्यायालय द्वारा फरवरी 2026 में सुहास चकमा बनाम भारत संघ, 2026 के मामले में किया गया था, जिसकी अध्यक्षता सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस. रवींद्र भट कर रहे हैं।

सर्वोच्च न्यायालय की मुख्य टिप्पणियाँ

  • संविधान के अनुच्छेद 14 (विधि के समक्ष समता) और अनुच्छेद 21 ....
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