कांडला बंदरगाह ने मेथनॉल बंकरिंग क्षमता विकसित की

2 अप्रैल, 2026 को कांडला बंदरगाह ने शोर-टू-शिप (Shore-to-Ship) मेथनॉल बंकरिंग (Methanol Bunkering) का सफल परीक्षण किया।

  • यह उपलब्धि भारत के ऊर्जा संक्रमण और वैश्विक हरित नौवहन गलियारों में इसकी भूमिका को सुदृढ़ करती है।
  • कच्छ (गुजरात) में स्थित कांडला बंदरगाह पहले से ही ग्रे मेथनॉल को कार्गो के रूप में संभालता रहा है और इसके पास टैंक भंडारण, पाइपलाइन तथा जेट्टी (Jetties) जैसी आवश्यक अवसंरचना पहले से उपलब्ध है।

मेथनॉल बंकरिंग क्या है?

  • यह वह प्रक्रिया है, जिसमें जहाज को ईंधन के रूप में मेथनॉल की आपूर्ति की जाती है, न कि इसे कार्गो के रूप में ले जाया ....
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