मृदा सखी: महाराष्ट्र के शुष्क क्षेत्रों में कृषि का पुनर्परिभाषण

महाराष्ट्र के सूखा-प्रवण क्षेत्रों में मृदा सखी (Soil Sakhi) पहल कृषि प्रणाली को रूपांतरित कर रही है, जहाँ वैज्ञानिक मृदा प्रबंधन को जमीनी स्तर पर महिला सशक्तीकरण के साथ जोड़ा गया है। यह मॉडल न केवल उत्पादकता बढ़ाता है, बल्कि धारणीय कृषि को भी प्रोत्साहित करता है।

मृदा सखी कौन हैं?

  • मृदा सखी एक प्रशिक्षित ग्रामीण महिला होती है, जो मृदा के नमूने एकत्र करती है और किसानों को मृदा स्वास्थ्य समझने में सहायता करती है।
  • यह मृदा डेटा का विश्लेषण कर किसानों को फसल उत्पादकता एवं उपज बढ़ाने हेतु व्यावहारिक सुझाव प्रदान करती है।
  • इन्हें “मन देशी फाउंडेशन” द्वारा प्रशिक्षित किया ....

क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |

पूर्व सदस्य? लॉग इन करें


वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |

संबंधित सामग्री

आर्थिक परिदृश्य