वित्त क्षेत्र
- देश में वित्तीय समावेशन तथा ऑनलाइन पेमेंट बढ़ रहा है। 2022 में 47-8 करोड़ प्रधानमंत्री जनधन बैंक खाते खोले गए। यूपीआई के माध्यम से 126 लाख करोड़ रुपये के 7,400 करोड़ डिजिटल भुगतान किए गए हैं।
- केंद्र सरकार द्वारा एक राष्ट्रीय वित्तीय सूचना रजिस्ट्री (National Financial Information Registry) की स्थापना की जाएगी जो वित्तीय सहायक सूचना की केन्द्रीय भंडार के रूप में काम करेगी। इसे ऋण का कुशल प्रवाह संभव हो पाएगा, वित्तीय समावेशन तथा वित्तीय स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।
- आरबीआई के परामर्श से एक नया विधायी ढांचा का निर्माण किया जाएगा, जो इस क्रेडिट पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (Credit Public Infrastructure) को विनियमित ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 अप्रत्यक्ष कर
- 2 प्रत्यक्ष कर
- 3 तीसरा कर्तव्य- सबका साथ- सबका विकास
- 4 द्वितीय कर्तव्य- लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता का निर्माण करना
- 5 पहला कर्तव्य- आर्थिक विकास में तेजी लाना और उसे बनाए रखना
- 6 बजट अनुमान
- 7 प्रमुख घोषणाएं एवं पहलें
- 8 क्षेत्रवार आवंटन
- 9 बजट अवलोकन
- 10 वित्तीय क्षेत्र सुधार और विकास

