सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मार्च 2023

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प्रारंभिकी 2023

विशेष-5

टर्मिनोलॉजी एवं कथन आधारित

शासन प्रणाली एवं संवैधानिक अधिकार

सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में जिन विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं, उनमें शासन एवं राजव्यवस्था एकमात्र ऐसा विषय है, जिसमें अधिकांश छात्र अधिक से अधिक प्रश्न हल करने का प्रयास करते हैं, इस प्रकार सामान्य अध्ययन का यह खंड उन्हें सफ़लता सुनिश्चित करने में काफ़ी मददगार रहा है। हालांकि विगत वर्षों में पूछे गए प्रश्नों के विश्लेषण में हमने यह पाया है कि अब इस खंड के तहत कुछ ऐसे प्रश्न भी पूछे जा रहे हैं, जिनका उत्तर परंपरागत पुस्तकों में सीधे-सीधो उपलब्धा नहीं होता; यानी इस खंड के तहत प्रश्न अब पुस्तकों से परे जाकर पूछे जा रहे हैं। इन प्रश्नों को हल करने के लिए जरूरी है कि विद्यार्थी समसामयिक घटनाक्रमों में चर्चा में रहे मुद्दों एवं विषयों का अंतर-विषयी एवं बहु-विषयी दृष्टिकोण से अध्ययन करे। हमारे द्वारा पत्रिका के इस अंक में प्रस्तुत की गई सामग्री में इन्हीं विषयों एवं मुद्दों को ध्यान में रखा गया है। हमारा उद्देश्य छात्रों के लिए ऐसी अध्ययन सामग्री प्रस्तुत करना है जो छात्रों द्वारा पढ़ी जा रही मानक पुस्तकों की पूरक हो; ताकि विद्यार्थी, परीक्षा में इस खंड के तहत अधिक से अधिक प्रश्न हल करके प्रारंभिक परीक्षा में अपनी सफ़लता सुनिश्चित कर सकें।

भारतीय राजव्यवस्था एवं शासन प्रणाली

मॉडल वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बजट

केन्द्रीय बजट 2023-24

1 फरवरी, 2023 को केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने केन्द्रीय बजट 2023-24 पेश किया। इस वर्ष के बजट के अनुसार, प्रति व्यक्ति आय करीब 9 वर्षों में दोगुनी होकर 1.97 ला रुपये हो गई है। भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ा है और यह पिछले 9 साल में विश्व की 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यस्था बन गया है।

आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23

31 जनवरी, 2023 को केंद्र सरकार के द्वारा संसद में ‘आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23’ (Economic Survey 2022-23) प्रस्तुत किया गया। भारतीय अर्थव्यवस्था कोविड-19 महामारी तथा रूस-युक्रेन युद्ध के विपरीत प्रभाव से उबर चुकी है तथा अर्थव्यवस्था के समस्त क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रदर्शन देखने को मिल रहा है।

देश में निजी उपभोग (Private Consumption) में वृद्धि कारण उत्पादन संबंधी गतिविधियों को काफी बढ़ावा मिला है। 2023-24 के दौरान भारत के जीडीपी में वृद्धि दर 6 से 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

  • हाल के वर्षों में केन्द्र सरकार का पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) बढ़ा है। निजी संस्थानों की बैलेंस शीट (Balance Sheets) मजबूत हुई है तथा महामारी के पश्चात, निजी क्षेत्र द्वारा पूंजीगत व्यय बढ़ा है।
  • जनवरी-नवम्बर 2022 के दौरान सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र (MSME) के लिए प्रदान की गई ऋणों में वृद्धि औसतन 30.6 प्रतिशत से भी अधिक रही। नवम्बर 2022 में खुदरा महंगाई (Retail Inflation) घटकर आरबीआई के लक्षित दायरे (Target Range) में आ गई है जिसे लगभग 6 प्रतिशत निर्धारित की गई थी।
  • कोविड-19 पश्चात देश के शहरी बेरोजगारी दर (Urban Unemployment Rate) में कमी दर्ज की गई है। देश में बेहतर रोजगार सृजन की प्रवृति देखी जा रही है। अप्रैल-नवम्बर 2022 के दौरान प्रत्यक्ष कर संग्रह में भी वृद्धि दर्ज की गई।
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