स्वायत्त जिला परिषद
- भारत के संविधान की 6ठी अनुसूची स्वायत्त जिला परिषदों (autonomous district council) के गठन का प्रावधान करता है, जिन्हें उनके संबंधित राज्यों के भीतर स्वायत्तता प्रदान की गई है।
- इन स्वायत्त जिला परिषदों में से अधिकांश जिला परिषद उत्तर पूर्व भारत में स्थित हैं।
- प्रत्येक स्वायत्त जिले के लिए एक जिला परिषद होगी, जिसमें 30 से अधिक सदस्य नहीं होंगे, जिनमें से 4 से अधिक व्यक्ति राज्यपाल द्वारा नामित नहीं होंगे और शेष वयस्क मताधिकार के आधार पर चुने जाएंगे।
- हालांकि असम में ‘बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद’ इसका अपवाद है, जिसमें 40 से अधिक सदस्य हैं।
- एक स्वायत्त क्षेत्र गठित प्रत्येक क्षेत्र के लिए एक ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 NCERT MCQ अर्थशास्त्र
- 2 NCERT MCQ भूगोल
- 3 NCERT MCQ इतिहास
- 4 सामान्य अध्ययन मॉडल प्रश्न 2027
- 5 इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0
- 6 एआई इम्पैक्ट समिट, 2026
- 7 राष्ट्रीय शून्य खसरा–रूबेला उन्मूलन अभियान
- 8 नैफिथ्रोमाइसिन : भारत का पहला स्वदेशी एंटीबायोटिक
- 9 ज़ॉम्बी डियर रोग/क्रॉनिक वेस्टिंग डिज़ीज़
- 10 टीबी उन्मूलन की ओर भारत की तेज प्रगति

