राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग एक संवैधानिक निकाय है जो भारत में अनुसूचित जातियों के हितों की रक्षा हेतु कार्य करता है।
- 89वें संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग से अलग करके संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत अनुसूचित जनजाति आयोग की स्थापना 2004 में की गई। इसके प्रथम अध्यक्ष सूरजभान थे।
- आयोग ने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और तीन अन्य सदस्य होते है, जिनकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। इनकी सेवा शर्तों का निर्धारण राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है।
- इसके अध्यक्ष व सदस्यों का कार्यकाल 3 वर्ष होता है। ये पुनर्नियुक्ति के पात्र होते हैं, किंतु 2 ....
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