लोकसभा के उपाध्यक्ष
लोकसभा का उपाध्यक्ष संसदीय लोकतंत्र का प्रतीक हैं। भारत के संविधान के अनुच्छेद 93 में लोक सभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों के चुनाव का प्रावधान है।
- लोकसभा का उपाध्यक्ष लोकसभा के अध्यक्ष के अधीनस्थ नहीं होता है, बल्कि वह लोकसभा के लिए जिम्मेदार होता है और अध्यक्ष के बाद लोकसभा का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण विधायी अधिकारी होता है।
- जिस प्रकार लोक सभा के अध्यक्ष का चुनाव होता है, उसी प्रकार उपाध्यक्ष का चुनाव भी लोकसभा द्वारा अपने सदस्यों में से किया जाता है।
- लोकसभा का अध्यक्ष उपाध्यक्ष के चुनाव की तारीख तय करता है।
- लोक सभा अध्यक्ष की तरह, ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 NCERT MCQ अर्थशास्त्र
- 2 NCERT MCQ भूगोल
- 3 NCERT MCQ इतिहास
- 4 सामान्य अध्ययन मॉडल प्रश्न 2027
- 5 इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0
- 6 एआई इम्पैक्ट समिट, 2026
- 7 राष्ट्रीय शून्य खसरा–रूबेला उन्मूलन अभियान
- 8 नैफिथ्रोमाइसिन : भारत का पहला स्वदेशी एंटीबायोटिक
- 9 ज़ॉम्बी डियर रोग/क्रॉनिक वेस्टिंग डिज़ीज़
- 10 टीबी उन्मूलन की ओर भारत की तेज प्रगति

