राजभाषा (Official Language)
संविधान सभा में हिंदी को राजभाषा बनाने की मांग की गई थी, परन्तु संविधान सभा इसे लेकर एकमत नहीं थी। इसीलिए ‘मुंशी-आयंगर’ सूत्र नामक एक समझौता विकसित किया गया।
- मुंशी-आयंगर फॉर्मूले को भाग 17, अध्याय प् के तहत भारतीय संविधान में शामिल किया गया।
- इसने देवनागरी लिपि में हिंदी को संघ (केंद्र सरकार) की आधिकारिक भाषा के रूप में स्थापित किया।
- इसी के तहत संविधान के अनुच्छेद 343 के अंतर्गत संघ की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी बनाई गई।
- हालांकि, इसके साथ ही प्रशासन के सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के लिए शुरुआती 15 वर्षों के लिए अंग्रेजी के उपयोग की अनुमति दी गई। ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 NCERT MCQ अर्थशास्त्र
- 2 NCERT MCQ भूगोल
- 3 NCERT MCQ इतिहास
- 4 सामान्य अध्ययन मॉडल प्रश्न 2027
- 5 इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0
- 6 एआई इम्पैक्ट समिट, 2026
- 7 राष्ट्रीय शून्य खसरा–रूबेला उन्मूलन अभियान
- 8 नैफिथ्रोमाइसिन : भारत का पहला स्वदेशी एंटीबायोटिक
- 9 ज़ॉम्बी डियर रोग/क्रॉनिक वेस्टिंग डिज़ीज़
- 10 टीबी उन्मूलन की ओर भारत की तेज प्रगति

