पदोन्नति में आरक्षण
1950 के दशक से केंद्र और राज्य सरकारें एससी और एसटी समुदायों के पक्ष में पदोन्नति में आरक्षण की नीति का पालन कर रही हैं, क्योंकि सार्वजनिक सेवाओं में निर्णय निर्माण प्रक्रिया के स्तर पर उनका पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है।
- हाल ही में केंद्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय को सूचित किया है कि सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कर्मचारियों की पदोन्नति में आरक्षण को रद्द करने से कर्मचारियों में अशांति उत्पन्न हो सकती है।
- संविधान के अनुच्छेद 16(4) के अनुसार, राज्य सरकारें अपने नागरिकों के उन सभी पिछड़े वर्गों के पक्ष में नियुक्तियों या पदों ....
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