विवाह का अधिकार
भारतीय संविधान में महिला और पुरुष दोनों को विवाह का समरूप अधिकार प्रदान किया है। किसी भी महिला और पुरुष दम्पत्ति का चुनाव तथा अपनी स्वंतत्र और पूर्ण सहमति से विवाह करने का अधिकार है।
- विवाह का अधिकार (Right to Marry) भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का एक हिस्सा माना जाता है।
- विवाह करने का अधिकार एक सार्वभौमिक अधिकार है और यह सभी व्यक्ति के लिए उपलब्ध है।
- भारत में विवाह पर विभिन्न व्यक्तिगत कानूनों में जबरन विवाह अवैध माना जाता है।
- भारत में ईसाई विवाह को भारतीय ईसाई विवाह अधिनियम, 1872 के अधीन रखा गया ....
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