निवारक निरोध बनाम मूल अधिकार
संभावित अपराध को रोकने के उद्देश्य से राज्य किसी व्यक्ति को ‘निवारक निरोध’ (Preventive Detention) के तहत हिरासत में ले सकता है।
- इस प्रकार निवारक निरोध, संदेह के आधार पर तथा यह मानकर की गई कार्रवाई है कि संबंधित व्यक्ति द्वारा कुछ गलत कार्य किया जा सकता है।
- निवारक निरोध का प्रयोग राज्य की सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था का रख-रखाव, विदेशी मामले या भारत की सुरक्षा तथा आपूर्ति, आवश्यक सेवाओं व रक्षा का रख-रखाव के आधारों पर ही किया जा सकता है।
- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 22 (3) में कहा गया है कि यदि किसी व्यक्ति को निवारक निरोध कानून के ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें

