गर्भपात का अधिकार
हाल ही में देश की सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में कहा कि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट, 1971 के तहत जो गर्भपात करने का अधिकार विवाहित महिलाओं को मिल रहा है, वह अधिकार अविवाहित महिलाओं को भी प्राप्त होगा।
- एमटीपी अधिनियम की धारा 3 (2) (बी) का उद्देश्य महिला को 20-24 सप्ताह के बाद गर्भपात कराने की अनुमति देता है।
- इसलिए, केवल विवाहित महिलाओं को अनुमति देने से संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन होगा।
- सुप्रीम कोर्ट के अनुसार विवाहित और अविवाहित महिलाओं के बीच ‘कृत्रिम अंतर’ (Artificial Gap) कायम नहीं रखा जा सकता है और महिलाओं को इन अधिकारों का ....
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