डिजिटल भुगतान
11 जनवरी, 2023 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने हेतु बैंकों को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए 2,600 करोड़ रुपए निर्धारित करने की घोषणा की।
- भारतीय रिजर्व बैंक के ‘पेमेंट्स विजन 2025’ दस्तावेज में पाया गया है कि वित्तीय समावेशन (Financial inclusion) का समर्थन करते हुए ‘भुगतान प्रणाली आर्थिक विकास और वित्तीय स्थिरता को बढ़ावा देती है’।
महत्वपूर्ण बिंदु
यह परिव्यय ‘रुपे कार्ड’ (RuPay cards) और ‘यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस’ (Unified Payments Interface - UPI) का उपयोग करके भुगतान को बढ़ावा देने के लिए किया गया है।
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एवं अन्य बैंकों को प्राप्त विभिन्न शिकायतों में डिजिटल ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0: आत्मनिर्भर चिप इकोसिस्टम की ओर
- 2 EPF-EPS योजनाएँ 2026: सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव
- 3 AI और वित्तीय साइबर सुरक्षा: RBI-SEBI की नई पहल
- 4 भारत में कौशल विकास: शिक्षा–रोजगार के बीच बढ़ता अंतर
- 5 53वीं PRAGATI बैठक: बुनियादी ढाँचा, AgriStack और साइबर फ्रॉड
- 6 NSE IPO: भारत के पूंजी बाजार में नया अध्याय
- 7 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का विलय: स्थानीय चरित्र पर सवाल
- 8 भारत के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में बड़ा विस्तार
- 9 असंगठित अर्थव्यवस्था: जिला-स्तरीय तस्वीर
- 10 भारत–EU FTA: स्टील के लिए टैरिफ-रेट कोटा

